Kasganj news : गंजडुंडवारा में स्मार्ट मीटर को लेकर सपा नेताओं व महिलाओं में दिखा आक्रोश किया धरना प्रदर्शन
सपा नेता अब्दुल हफीज गांधी का अनोखा प्रदर्शन: स्मार्ट मीटर के खिलाफ महिलाओं संग बिजलीघर पर 'जमीन' पर बैठे
रिपोर्ट मोरध्वज कुमार डायरेक्टर
UP R भारत एक्सप्रेस न्यूज़
गंजडुंडवारा : कासगंज जनपद मे अपने विरोध प्रदर्शनों के अनूठे तरीकों के लिए मशहूर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अब्दुल हफीज गांधी एक बार फिर चर्चा में हैं। सड़क के गड्ढों में मछली पकड़ने और जल सत्याग्रह करने के बाद, अब उन्होंने बिजली विभाग की स्मार्ट मीटर व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
गुरुवार को अब्दुल हफीज गांधी क्षेत्र के सुजावलपुर बिजलीघर पर दर्जनों महिलाओं, कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों के साथ जमीन पर धरना देकर बैठ गए, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया।
स्मार्ट मीटर नहीं, 'शोषण' का मीटर: हफीज गांधी
धरने को संबोधित करते हुए सपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता का उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने प्रमुख बिंदु उठाए
जबरन स्थापना: अधिकांश उपभोक्ताओं की सहमति के बिना मीटर लगाए गए।
प्रीपेड का दंश: बिना किसी SMS या सूचना के बैलेंस खत्म होते ही बिजली काट दी जाती है।
तकनीकी खामियां: रिचार्ज के कई घंटों बाद तक बिजली बहाल नहीं होती और गलत बिलिंग की समस्या आम है।
अमानवीय रवैया: बीमारों, बुजुर्गों और छात्रों की पढ़ाई का ख्याल रखे बिना बिजली काटी जा रही है।
फाइल फोटो : चौका-चूल्हा छोड़ धरने पर पहुंचीं महिलाएं
इस प्रदर्शन की खास बात महिलाओं की भारी भागीदारी रही। तेज धूप में घर का काम छोड़ बिजलीघर पहुंचीं महिलाओं ने कहा कि प्रीपेड व्यवस्था से घर का बजट बिगड़ गया है। अचानक बिजली कटने से रसोई से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक सब ठप हो जाता है।
40 हजार कनेक्शन और सिर्फ एक काउंटर!
मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय सचिव राशिद अली ने विभाग की पोल खोलते हुए कहा कि गंजडुंडवारा क्षेत्र में लगभग 40,000 बिजली कनेक्शन हैं, लेकिन बिल जमा करने के लिए केवल एक काउंटर है। भीषण गर्मी में लोग घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन: प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें निम्नलिखित मांगें की गईं:
पोस्टपेड व्यवस्था की बहाली: सभी स्मार्ट मीटरों को तत्काल पोस्टपेड में बदला जाए।
पारंपरिक मीटर: पुरानी मीटर व्यवस्था को फिर से लागू किया जाए।
सुविधा विस्तार: बिल जमा करने के लिए काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाए।
त्वरित समाधान: शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रभावी तंत्र बने।
ज्ञापन पर हस्ताक्षर: अब्दुल हफीज गांधी, मुनेंद्र शाक्य, राशिद अली, पंकज लोधी, मुशीर अहमद अंसारी, असलम अंसारी और राजू वर्मा समेत अन्य नागरिक।
अब्दुल हफीज गांधी का यह 'जमीनी' आंदोलन अब पूरे कासगंज जनपद में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस जन-आक्रोश पर क्या रुख अपनाता है।





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