Kasganj news : वो काैन है निर्दयी मां?: नौ माह तक गर्भ में पाला, जन्म देते ही किया ऐसा सलूक; इस हाल में मिली चार दिन की मासूम
यूपी के कासगंज जिले से झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। ट्रेन के लगेज कोच में चार दिन की नवजात मिली। माैके पर पहुंची आरपीएफ टीम ने नवजात को सकुशल अस्पताल भेजा, जहां उसे एनआईसीयू में भर्ती किया गया है।
रिपोर्ट, मोरध्वज कुमार डायरेक्टर
UP R भारत एक्सप्रेस न्यूज़
कासगंज जंक्शन पर बृहस्पतिवार दोपहर एक मार्मिक घटना सामने आई, जब लखनऊ जंक्शन–कासगंज पैसेंजर ट्रेन के लगेज कोच से आती मासूम रोने की आवाज ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कपड़ों में लिपटी तीन से चार दिन की नवजात बालिका अकेली पड़ी थी, मानो किसी सहारे की तलाश में रो रही हो। उस पल आरपीएफ कर्मियों ने न सिर्फ ड्यूटी निभाई, बल्कि इंसानियत का भी उदाहरण पेश किया।
आरपीएफ उपनिरीक्षक अर्जुन कुमार ने अनुसार, दोपहर करीब 2:40 बजे हेड कांस्टेबल हरवंश सिंह और रामफूल मीणा कासगंज जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या-1 पर खड़ी गाड़ी संख्या 55345 (लखनऊ जंक्शन–कासगंज पैसेंजर) की नियमित जांच कर रहे थे। तभी ट्रेन के लगेज कोच से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। आरपीएफ कर्मी तुरंत कोच के अंदर पहुंचे तो वहां कपड़ों में लिपटी नवजात बालिका रोती हुई मिली।
महिला यात्रियों की मदद से बच्ची को नीचे उतारकर प्लेटफार्म पर सुरक्षित स्थान पर रखा गया। स्टेशन पर कई बार अनाउंसमेंट भी कराया गया, लेकिन उसके परिजन का कोई पता नहीं चल सका। बच्ची के कपड़ों पर आकांक्षा नर्सिंग होम बजरिया फर्रुखाबाद लिखा मिला। इससे अंदाजा लगाया गया कि वह तीन से चार दिन की है। इसके बाद आरपीएफ ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को सूचना दी। चाइल्ड लाइन के सुपरवाइजर योगेश श्रीवास्तव टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
स्टेशन मास्टर मुकेश कुमार मीणा की मौजूदगी में शाम करीब 4:30 बजे सभी औपचारिकताएं पूरी कर बच्ची को चाइल्ड लाइन टीम को सुपुर्द कर दिया गया। बालिका को जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती करा दिया है, ताकि उसकी उचित देखभाल हो सके। नर्सिंग होम से संपर्क कर मासूम के परिजन की तलाश की जा रही है। इस घटना ने जहां एक ओर जहां दिल को झंकझोर दिया, वहीं आरपीएफ की संवेदनशीलता ने एक नन्ही जिंदगी को नया सहारा दिया।

Comments
Post a Comment