Kasganj news : रिश्वतखोर तहसीलदार के पेशकार पर एंटी करप्शन की टीम कसा शिकंजा, 25 हजार रु लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
कासगंज: रिश्वतखोर तहसीलदार के पेशकार पर एंटी करप्शन की टीम कसा शिकंजा, 25 हजार रु लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
रिपोर्ट मोरध्वज कुमार डायरेक्टर
UP R भारत एक्सप्रेस न्यूज़
पटियाली (कासगंज): जनपद की पटियाली तहसील में मंगलवार को एंटी करप्शन टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने तहसीलदार के पेशकार बृजेश यादव को 'फौती' (विरासत) दर्ज करने के नाम पर 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरी तहसील में हड़कंप मच गया।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, पटियाली तहसील में तैनात पेशकार बृजेश यादव ने एक पीड़ित व्यक्ति से उसके परिजन की मृत्यु के बाद राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज कराने (फौती दर्ज करने) के एवज में 25 हजार रुपये की मांग की थी। पीड़ित ने रिश्वत देने के बजाय भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया और इसकी शिकायत एंटी करप्शन विभाग से कर दी।
जाल बिछाकर की गई घेराबंदी
एंटी करप्शन टीम ने शिकायत की गोपनीय जांच की, जिसमें मामला सही पाया गया। योजना के मुताबिक:
मंगलवार को टीम ने पीड़ित को केमिकल लगे (चिन्हित) नोट देकर तहसील भेजा।
जैसे ही पीड़ित ने पेशकार को रिश्वत की रकम थमाई, वैसे ही सादे कपड़ों में पहले से तैनात टीम ने उसे दबोच लिया।
पेशकार के पास से रिश्वत के 25,000 रुपये मौके पर ही बरामद कर लिए गए।
"फौती में नाम दर्ज कराने के एवज में पेशकार ने 25 हजार रुपये लिए थे। उसे रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा।" — देेंद्र सिंह, अधिकारी, एंटी करप्शन टीम
तहसील में मचा हड़कंप
गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम आरोपी पेशकार को लेकर पटियाली थाने पहुंची। टीम की इस कार्रवाई की खबर जैसे ही फैली, तहसील परिसर में सन्नाटा पसर गया और अधिकारियों में खलबली मच गई। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
क्षेत्र के लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। आम जनता का कहना है कि तहसील में छोटे-छोटे कामों के लिए रिश्वत की मांग आम हो गई है, ऐसे में इस तरह की सख्त कार्रवाई से भ्रष्ट कर्मचारियों में डर पैदा होगा।


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