Lucknow news:यूपी के राजस्व में भारी उछाल: फरवरी 2026 तक ₹1.96 लाख करोड़ का संग्रह, सीएम योगी ने दिए लक्ष्य प्राप्ति के कड़े निर्देश
यूपी के राजस्व में भारी उछाल: फरवरी 2026 तक ₹1.96 लाख करोड़ का संग्रह, सीएम योगी ने दिए लक्ष्य प्राप्ति के कड़े निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राजधानी लखनऊ में वित्तीय वर्ष 2025-26 की राजस्व प्राप्तियों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। बैठक में जीएसटी, वैट, आबकारी, स्टाम्प, परिवहन और खनन जैसे प्रमुख विभागों के प्रदर्शन का आकलन किया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राजस्व में वृद्धि केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के बुनियादी ढांचे और जन-कल्याणकारी योजनाओं की आधारशिला है।
राजस्व संग्रह की वर्तमान स्थिति
वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत फरवरी 2026 के अंत तक प्रदेश ने कुल ₹1,96,177 करोड़ का राजस्व संग्रह सुनिश्चित किया है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह धन प्रदेश में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा को गति प्रदान कर रहा है।
प्रमुख विभागों के लिए मुख्यमंत्री के मुख्य निर्देश:
- आबकारी विभाग: आगामी होली पर्व को देखते हुए विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके।
- परिवहन विभाग: मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा पर जोर देते हुए निगम की बसों की फिटनेस जाँच और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा है। साथ ही, नए रूट चिह्नित कर बेहतर बस सेवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
- स्टाम्प एवं पंजीकरण: लैंड रिकॉर्ड के शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन और रजिस्ट्री कार्यालयों के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने पर बल दिया गया।
- प्रशासनिक सुधार: सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पारदर्शिता, दक्षता और नवाचार (Innovation) के साथ कार्य करें।
"राजस्व वृद्धि प्रदेश में विकास कार्यों की गति को निर्धारित करती है। सभी विभाग टीम भावना और उत्तरदायित्व के साथ निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करें।" — योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री विकास को मिलेगी नई ऊर्जा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व वसूली की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने कहा कि बढ़ते हुए राजस्व का सीधा लाभ आम जनता को बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मिलना चाहिए।



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